गिरीश गौतम होंगे विधानसभा के 18वें अध्यक्ष
भोपाल
मप्र में 18 साल बाद विधानसभा अध्यक्ष विंध्य से होगा। रीवा के देवतालाब से विधायक गिरीश गौतम ने रविवार को नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष पद पर अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी, जिससे गिरीश गौतम का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है। गौतम विधानसभा के 18वें अध्यक्ष होंगे। वे 4 बार के विधायक हैं। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव सोमवार को बजट सत्र के पहले दिन होना है। नामांकन के दौरान गौतम के साथ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग और राजेंद्र शुक्ला भी मौजूद रहे। गौरतलब है कि विधानसभा अध्यक्ष का बाद 18 साल बाद एक बार फिर विंध्य के खाते में गया। विंध्य के कद्दावर नेता श्रीनिवास तिवारी 9 साल 352 दिन विधानसभा के अध्यक्ष रहे। उनका दो बार का कार्यकाल दिग्विजय सरकार के दौरान 24 दिसंबर 1993 से 11 दिसंबर 2003 तक रहा।
तिवारी को दी थी शिकस्त
2003 में जब उन्होंने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को शिकस्त दी थी उसके बाद से ही या लग रहा था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। बावजूद इसके लंबे मतों से जीत दर्ज करने वाले राजेंद्र शुक्ला को मंत्री पद से 2004 में नवाजा गया था। बाद में प्रत्येक मंत्रिमंडल विस्तार में गिरीश गौतम का नाम सुर्खियों में आता और सुर्खियों में ही बाहर हो जाता था। 18 वर्ष बाद यानी 2021 में उन्हें विधानसभा अध्यक्ष पद प्राप्त हुआ है।
गिरीश गौतम के विधानसभा अध्यक्ष बनने की सूचना जिले में पहुंचने के साथ ही जिले में हर्ष का माहौल निर्मित हो गया है। युवा भाजपा की टीम इसे विंध्य के साथ न्याय होना करार दे रही है। विधानसभा अध्यक्ष की सूचना मिलने के साथ ही गिरीश गौतम के समर्थक भोपाल रवाना हो गए हैं। वहीं इंजीनियर कुलदीप मिश्रा और पूर्व मंडल अध्यक्ष भरतलाल पांडेय ने विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा का अध्यक्ष बनने पर बधाई दी है।
गौतम का राजनीतिक सफर
-1972 से छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। 1977 से लगातार किसानों एवं मजदूरों के लिए संघर्ष किया।
-2003 में पहली बार विधायक बने। विधानसभा की लोक लेखा, महिला एवं बाल कल्याण, अजा--जजा तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्य रहे। -माध्यमिक शिक्षा मंडल एवं गृह तथा शिक्षा विभाग की सलाहकार समितियों के सदस्य रहे।
-2008 में दूसरी बार विधायक बने। इस दौरान प्राक्कलन, विशेषाधिकार, सार्वजनिक उपक्रम समितियों के सभापति रहे।
-वर्ष 2013 में तीसरी बार विधायक बने। इस कार्यकाल में वे जवाहरलाल नेहरू कृषि विवि जबलपुर की प्रबंध सभा के सदस्य, उत्तर-मध्य रेलवे परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे।
-वर्ष 2018 में वे चौथी बार चुनाव जीत कर विधायक बने।

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